क्या सिर्फ 370 रुपये की बिरयानी किसी की नौकरी खा सकती है?
नमस्कार, मैं हूँ ___ और आप देख रहे हैं राजस्थान पत्रिका।सोशल मीडिया पर इन दिनों सिर्फ एक ही नाम गूंज रहा है – "370 वाली बिरयानी"। लेकिन सवाल ये है कि आखिर एक प्लेट बिरयानी से शुरू हुआ मामला देशभर की बहस कैसे बन गया?
पूरा विवाद शुरू हुआ कॉमेडियन प्रणीत मोरे के एक शो से। शो के दौरान ऑडियंस में बैठे एक युवक ने अपनी डेटिंग से जुड़ा एक किस्सा सुनाया। उसने दावा किया कि उसने एक लड़की को करीब 370 रुपये की बिरयानी खिलाई थी, लेकिन बाद में जो टिप्पणी उसने की, उसे सोशल मीडिया पर महिलाओं के प्रति अपमानजनक और आपत्तिजनक माना गया। देखते ही देखते वीडियो वायरल हो गया।
सबसे बड़ा सवाल तब उठा जब लोगों ने कहा कि मंच पर मौजूद कॉमेडियन प्रणीत मोरे ने इस पूरे मामले को मजाक की तरह लिया। सोशल मीडिया पर आरोप लगने लगे कि क्या कॉमेडी के नाम पर किसी भी सोच को सामान्य बनाया जा सकता है? इसी बात को लेकर इंटरनेट दो हिस्सों में बंट गया।
लेकिन असली झटका अभी बाकी था।
वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले युवक हिमांशु जांगरा की पहचान सामने आने के बाद खबर आई कि गुरुग्राम की एक कंपनी ने उसे नौकरी से निकाल दिया। कंपनी का कहना था कि उसके बयान उनके मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं। इसके बाद एक नई बहस छिड़ गई – क्या सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक क्लिप किसी की नौकरी तय कर सकती है?
उधर बढ़ते विवाद के बीच प्रणीत मोरे ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। लेकिन मामला यहीं नहीं रुका। आलोचकों का कहना था कि सिर्फ माफी काफी नहीं है, जबकि दूसरे पक्ष का मानना था कि इंटरनेट पर हो रही ट्रोलिंग जरूरत से ज्यादा बढ़ गई है। बाद में प्रणीत मोरे का इंस्टाग्राम अकाउंट भी चर्चा का विषय बन गया।
अब यह विवाद सिर्फ एक वीडियो या एक कॉमेडी शो तक सीमित नहीं रहा। यह मामला कॉमेडी, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, महिलाओं के सम्मान, सोशल मीडिया ट्रायल और कॉर्पोरेट जवाबदेही तक पहुंच चुका है।
तो आपका क्या मानना है? क्या यह सिर्फ एक खराब मजाक था? या फिर समाज की एक बड़ी समस्या का आईना?
कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर दीजिए।
फिलहाल के लिए इतना ही। ऐसी ही बड़ी और चर्चित खबरों के लिए जुड़े रहिए राजस्थान पत्रिका के साथ।
धन्यवाद।
No comments:
Post a Comment